यह भारत बंद ‘‘बवाल‘‘ नही बहुजन क्रान्ति की हल्की सी झलक है

आईएनएन भारत डेस्क
2 अप्रेल के भारत बंद से बहुजन क्रान्ति की आहट सुनाई पडने लगी है। ब्राहमणवादी राष्ट्रवादी सहमें और डरे हैं फिर भी अपनी करतूतों और दलित प्रदर्शनों पर हमले से बाज नही आ रहे हैं। भाजपा शासित मध्य प्रदेश के सवर्णो को दलित आंदोलन से भी एतराज है। संभवत उन्हें राज्य सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग है इसीलिए वह दलित संगठनों का मुकाबला करने के लिए सड़कों पर उतर आये हैं। मेहगांव, गोहद में खूनी संघर्ष, सवर्ण दलित आमने सामने आये। भिंड में भी सवर्णों ने दलित आंदोलकारियों का विरोध कर उन पर हमला किया। ग्वालियर मुरार में तनाव के कारण कर्फ्यू लगा। सरकार के अनुसार डबरा में हालत बिगड़ी, थाने में भीड़ घुसी। 1 प्रदर्शनकारी को गोली लगी। मुरैना में दलित संगठनों ने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को रोका। भारी पुलिस बल तैनात, शहर में अफरातफरी। पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, चलाई लाठियां, प्रदर्शनकारियों ने भी किया पथराव। ग्वालियर में फायरिंग, बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प, मुरार में उपद्रवियों ने गोलियां चलाईं जिससे दो लोग घायल हो गए। मध्यप्रदेश से अभी चार लोगों के मारे जाने की खबरे आ रही हैं।

सोमवार को देश के कई बहुजन संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन भी दिया है। अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ दलित संगठनों ने यह देशव्यापी बंद बुलाया था।

रांची में प्रदर्शनकारियों को रोकने गई पुलिस का मुकाबला महिलाओं ने किया और पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ की हाथापाई। इस घटना में कई प्रदर्शकारियों के घायल होने की खबर है।

बिहार के कई जिलों में दलित संगठनों ने प्रदर्शन किये। सीबीएसई ने आज होने वाली परीक्षाओं को टालने की घोषणा की। रोहतास में यातायात रहा पूरी तरह बाधित यहां तक कि एंबुलेंस सेवा भी बाधित रही। फारबिसगंज में ट्रेनों को रोका गया।

मेरठ में भारत बंद के दौरान बड़ी हिंसा की खबरें हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चैकी को किया आग के हवाले। गालीबारी में एक युवा को गोली लगने के बाद बिगड़े हालात।

राजस्थान के बाड़मेर में भी भारत बंद का प्रदर्शन व्यापक और जोरदार रहा। पुलिस द्वारा आसैर बंद विरोधियों की छेड़छाड के बाद प्रदर्शनकारियों के गुस्से की चपेट में आई कई कारें। कई जगहों पर आगजनी की खबरे हैं। भीलवाड़ा में सडकों पर उतरे हजारों लोग, किया जोरदार प्रदर्शन।

बंद का असर कई राज्यों में दिख रहा है। पंजाब के अमृतसर में दुकानें बंद रही और सड़कें खाली नजर आ रही थी।

ओडिशा के संबलपुर में प्रदर्शनकारियों ने विरोध के तहत ट्रेन रोक दीं और पटरी पर जमा हो गए। आदिवासी प्रभाव वाले अधिकतर जिलों में जीवन रहा अस्त व्यस्त। हजारों हजार लोग उतरे सड़कों पर।

दिल्ली

भारत बंद’ के दौरान सोमवार को प्रदर्शनकारी बाहरी दिल्ली में कई जगह रेल की पटरियों पर बैठ गए, जिससे देहरादून एक्सप्रेस और रांची राजधानी सहित कई ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा।

उत्तरी रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के सोमवार सुबह करीब 10 बजे गाजियाबाद यार्ड पहुंचने के बाद सेवाएं बाधित हुईं। अधिकारियों ने बताया कि सप्त क्रांति एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, भुवनेश्वर और रांची राजधानी, कानपुर शताब्दी सहित कई ट्रेनों को गाजियाबाद से पहले मेरठ और मोदीनगर में ही रोक दिया गया।

उन्होंने बताया कि करीब 2000 लोगों की भीड़ ने हापुड़ स्टेशन पर ट्रेनों को रोका। कई माल गाड़ियों को भी रोका गया। दिल्ली पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के कर्मी लोगों को पटरी से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।