भगवा गिरोह ने गिराई मौलाना आजाद की मूर्ति, अब भगवा दंगाईयों के निशाने पर बंगाल

आईएनएन भारत डेस्क:
भगवा दंगाईयों का उत्पात थमने का नाम नही ले रहा है। भगवा ब्राहमणवाद और संघी गिरोह आजादी की लड़ाई के ऐसे महापुरूषों की मूर्तियों को ध्वस्त कर हरा है जिनसे उनकी संर्कीण और दंगाई विचारधारा को चुनौती मिलती है। अबकी उनके निशाने पर आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अब्बुल कलाम आजाद रहे।

पश्चिम बंगाल में 24 परगना के काकिनारा में रामनवमीं के दिन जो हिंसा भड़की वह रुकने का नाम नहीं ले रही है। पश्चिमी बंगाल की यह लगातार होती सांप्रदायिक हिंसा कोई अनायास नही है। असल में किसी सूबे में दाखिल होने और अपनी राजनीति की शुरूआत करने का यह भाजपाई माॅडल है। राम नवमी के दिन भड़की हिंसा के बाद सोमवार को भगवा दंगाईयों ने देश के प्रथम केंद्रीय शिक्षा मंत्री मोलाना अब्बुल कलाम की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया है।

भगवा दंगाईयों ने पश्चिम बंगाल में 24 परगना के काकिनारा में स्थापित मोलाना अब्बुल कलाम की मूर्ति को गिरा दिया है। प्राप्त समाचारों के मुताबिक दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा में अब तक दो लोगो को अपनी जान गवानी पड़ी है और पचास से ज्यादा लोग हिंसा में घायल हो गए है।

भगवा दंगाईयों के हौंसले इस कदर आसमान छू रहे हैं कि उन्होंने पुलिस को भी निशाना बनाया और उनके ऊपर पत्थरबाजी की। यहां तक कि डीसीपी अरिंदम दत्ता चैधरी पर बम्ब से एक घातक हमला किया गया जिसमें उनका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया।

वहीं जलते बंगाल को छोड़कर तीसरे मोर्चे की जुगत में लगी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा कर रही हैं कि हम इस तरह के उपद्रव को बिल्कुल सहन नहीं करेंगे। बुरी तरह से दंगा भडक जाने के बाद अब जाकर ममता बनर्जी ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे जो जुलुस में हथियार लेकर घूम रहे हैं।

24 परगना से पहले पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ पूर्वी मिदनापुर के खडगपुर में राम नवमी के दिन रैली के दौरान हाथ में तलवार लहराने को लेकर पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।