जेएनयू के छात्रों पर टूटा पुलिस का कहर, चली लाठी और पड़ी वाटर कैनन की मार

आईएनएन भारत डेस्क
नई दिल्लीः भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के बलिदान दिवस पर आज दिल्ली पुलिस ने देश की राजधानी में ब्रिटिश साम्राज्य के दौर की याद दिला दी। दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए शान्तिपूर्ण तरीके से संसद मार्च कर रहे जेएनयू के छात्रों पर जमकर लाठियां भांजी और वाटर कैनन से पानी की बौछार की।

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JNU students’ protest at INA during march JNU to Parliament.

शिक्षा पर भगवे हमले और छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी प्रो. अतुल जौहरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर यह छात्र और शिक्षक जेएनयू शिक्षक संघ और छात्रसंघ के आहवान और उनके नेतृत्व में संसद मार्च कर रहे थे।

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JNU Students’ & Teachers’ March JNU to Parliament

छात्रों के अनुसार पहले दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया था कि उन्हें संसद मार्ग तक जाने दिया जायेगा। छात्र ऐसे रूट से आगे बढ़ रहे थे जिससे कि यातायात में कोई रूकावट नही आये। परंतु आईएनए के पास पहुंचते ही संजय झील के आखिरी कोने पर पुलिस ने बैरीकेड लगाकर उनका रास्ता रोक लिया और जब छात्र आगे जाने देने की मांग करने लगे तो उन्हें जमकर पीटा गया।

Brutally Bitten by Delhi police
Brutally Bitten By Delhi Police

इसी दौरान कई छात्रो को पुलिस ने प्रदर्शन के बीच से उठा लिया और जमकर उनकी पिटाई की गई। उसके बाद पुलिस उनमें से कुछ छात्रों को हौजखास थाने और कुछ छात्रों को डिफेंस कालोनी के लाइसेंसिंग थाने ले गई। जब छात्र वहीं प्रदर्शन स्थल टिक गये तो रात को उन्हें छोड़ा गया।

JNU girl student Injured due to Lathi Charge By Delhi Police
JNU girl student brutally bitten Delhi police during Lathi Charge.

प्रदर्शन स्थल पर कई छात्र छात्राओं को पुलिस के बहस करते और यह भी कहते सुना गया कि पुरूष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के कपड़े तक भी फाडे अथवा फाडने की कोशिश की।

in Unconscious condition after lathi charge
Injured in Lathi Charge by Delhi Police

वास्तव ने पुलिस ने यह सारी करतूत एक योजना के तहत और प्रदर्शन का मुद्दा बदलने के लिए की थी। पुलिस द्वारा छात्रों पर हमले और 20 छात्रों के थाने अथवा अस्पताल में ले जाये जाने के बाद इस प्रदर्शन का पूरा मुद्दा ही बदल चुका था। अब ना अतुल जौहरी, ना निजीकरण, ना आरक्षण, ना हाजिरी और ना ही वीसी हटाओ छात्रों का मुद्दा बचा था अब केवल पकड़े गये छात्रों की वापसी ही एकमात्र मुद्दा रह गया था। रात होने पर जब ज्वाइंट कमिश्नर दिल्ली अजय चैधरी आये और उन्होंने बातचीत के बाद पकड़े गये छात्रों को छोड़ने की घोषणा की तो सभी छात्र-छात्राएं नारे लगाते गीत गाते संतुष्ट भाव से सरकारी बसों में लदकर जेएनयू की तरफ रवाना हो गये। इसे कहते हैं मोदी की दिल्ली पुलिस का एक दांव और पूरा प्रदर्शन फ्लाप।