Film Review: हेट स्टोरी IV: कमजोर स्टोरी के साथ हेट स्टोरी

Film Reviewer: Smriti Mala
फ़िल्म : हेट स्टोरी 4
निर्देशक: विशाल पांडेय
लेखक:  समीर अरोरा, विशाल पांड्या, मिलाप मिलन जावेरी
अभिनय: उर्वशी रौतेला, करण वाही, विवान भतेन, गुलशन ग्रोवर
संगीत: तनिष्क बागची, आरवो पव्रो मुखर्जी, मिथुन, टोनी कक्कर, बमन
रनिंग टाइम: 2 घंटे 11 मिनट
शैली: इरोटिक थीर्लर

हेट स्टोरी सीरीज का अगला सीक्वल हेट स्टोरी 4  इस हफ्ते आई है, जो अपने पिछली फिल्मों के मुकाबले काफी कमजोर है। ना तो इसकी कहानी में कोई दम है, और ना ही इसके सस्पेंस में और एक्टिंग की बात नहीं करें तो ही अच्छा है। परंतु एक चीज जो बरकरार रखी है, वह है बोल्डनेस, ग्लैमर और सेक्स का डोज़।

कहानी: फिल्म की कहानी  ताशा (उर्वशी रौतेला) की है, जो बहुत बड़ी हीरोइन बनना चाहती है। वह लंडन में राजवीर खुराना (करण वाही) से मिलती है, जो उसको पसंद करने लगता है। वह उसे अपने भाई आर्यन खुराना से मिलवाता है जो अपने कॉस्मेटिक ब्रांड के लिए नया चेहरा खोज रहे हैं। इन दोनों के पिता विक्रम खुराना (गुलशन ग्रोवर) लंदन में चुनाव में चुनाव लड़ने का फैसला लेते हैं, और वह अपने दोनों बेटों को अपनी इज़्ज़त साफ-सुथरा रखने को कहते हैं। आर्यन ताशा को पाना चाहता है और इस चक्कर में वह एक पार्टी में उसे नींद की गोलियां देकर उसके साथ रात भर बदसलूकी करता है। बाद में पता चलता है कि यह सब उर्वशी रौतेला यानी कि ताशा की प्लानिंग थी इसके साथ-साथ खुराना फैमिली को मर्डर के लिए ब्लैक मेंलिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है। और एक के बाद एक कई राज खुलते जाते हैं।

जहां तक कहानी की बात करें तो हेट स्टोरी 4 की कहानी पिछली सारी हेट स्टोरी फिल्मों के मुकाबले कमजोर है। इसकी कहानी बहुत ही बचकानी लगती है। और ऐसा लगता है कि इसको लिखने में ज्यादा मेहनत नहीं की गई है।  यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, लेकिन इसका सस्पेंस  भी कुछ खास नहीं है।

अभिनय: उर्वशी रौतेला ग्लैमरस और काफी खूबसूरत दिखती है लेकीन अभिनय में बहुत पीछे रह जाती हैं। करण वाही और विवान भी एक्टिंग में फिसड्डी साबित हुए हैं। गुलशन ग्रोवर कैमियो रोल में अच्छे लगे हैं।

संगीत: 6 में से 3 गाने तो पुराने गाने का रीमिक्स है। हिमेश रेशमिया का गाना “नाम है तेरा तेरा” को चेंज करके “नाम है मेरा मेरा’ और उसको फीमेल वर्जन दे दिया है। “आशिक बनाया आपने” को भी फीमेल वर्जन में “तेरे बिन सूनी सूनी” की जगह “मेरे बिन सूनी सूनी” कर दिया है। अदनान सामी का “भीगी भीगी रातों में” गाना लिया है। यह सारे गाने  तो अच्छे लगते हैं, लेकिन इसके अलावा बाकी गाने कुछ खास नहीं है। इस फिल्म में म्यूजिक डायरेक्टर को कुछ खास काम करने की जरूरत नहीं पड़ी होगी क्योंकि सारी पुराने गाने मे थोड़ा सा बदलाव करके फिल्म में डाला है।

सकारात्मक पक्ष: उर्वशी रौतेला का बोल्ड लुक

नकारात्मक पक्ष: कहानी, स्क्रीनप्ले, निर्देशन, अभिनय

निष्कर्ष: उर्वशी रौतेला के इरोटिक अवतार को देखना है तो फिल्म देख सकते हैं।

रेटिंग: 1.5/5