दिल्ली हाई कोर्ट ने दी कार्ति चिदंबरम को राहत, परंतु तीन दिन और रहेंगे सीबीआई हिरासत में

आईएनएन भारत डेस्क:
नई दिल्लीः आईएनएक्स मीडिया केस में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राहत दे दी। कार्ति ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि 9 मार्च को सीबीआई रिमांड खत्म होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर सकता है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 20 तारीख तक उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई। ध्यान रहे कि सीबीआई ने कार्ति को 28 फरवरी की सुबह चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सीबीआई की कस्टडी में भेजा था। कार्ति पर इंद्राणी और पीटर मुखर्जी की कंपनी आईएनएक्स

मीडिया को एफआईपीबी से क्लीयरेंस दिलाने के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर सीबीआई केस में ट्रायल कोर्ट कार्ति को जमानत देता है तो ईडी उन्हें अगली सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं करेगी। इस मामले में कोर्ट अब 20 मार्च को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने कार्ति की याचिका पर केंद्र सरकार और ईडी से जवाब मांगा है। हालांकि कार्ति चिदंबरम को अभी तीन दिन और सीबीआई हिरासत में रहना होगा। सीबीआई ने 6 दिन की हिरासत मांगी थी जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए कार्ति को तीन दिन की हिरासत में भेजा है और कोर्ट 15 मार्च को उनकी जमानत अर्जी पर विचार करेगी।

कार्ति चिदंबरम के ईडी समन मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी। तब कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कार्ति ने दिल्ली हाईकोर्ट में समन खारिज करने के लिए याचिका दाखिल की थी।

एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन का विरोध करते हुए कहा था कि कोर्ट के सामने अभी ऐसी ही 50 याचिकाएं पेंडिंग हैं। जिसके बाद कार्ति की पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे वापस ले लिया था।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कार्ति ने कहा था कि एफआईआर में जिन मामलों का जिक्र है, उसके अलावा भी अन्य मामलों की जांच की जा रही है। ईडी को ऐसे मामलों की जांच का अधिकार नहीं है।