सीरिया में फिर हुई बमबारी, कई लोगों ने गंवाई जान

आईएनएन भारत डेस्क:

सीरियाः संयुक्त राष्ट्र द्वारा युद्ध विराम के बावजूद, सीरिया के पूर्वी घाउटा में सीरिया सरकार के सशस्त्र बलों द्वारा किये गए हवाई हमलों में कम से कम 23 नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। अनाडोलु एजेंसी ने सीरिया के नागरिक रक्षा विभाग का हवाला देते हुए कहा कि रूस और संयुक्त राष्ट्र द्वारा अलग-अलग युद्ध विराम को लागू करने के फैसले के बावजूद राष्ट्रपति बशर अल-असद सरकार द्वारा विद्रोहियों के खिलाफ जमीन और हवाई हमल जारी हैं। इन हमलों के कारण 23 नागरिकों को ताजा हमलों में अपनी जान गंवानी पड़ी है। आकोड़ो के हिसाब से फरवरी 19 तक पूर्वी घाउटा में करीब 697 लोगों की मौत हो चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया के नागरिकों को अविलंब चिकित्सा और अन्य मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए शनिवार को सर्वसम्मति से सीरिया में एक 30 दिवसीय युद्ध विराम के प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया था।

पिछले आठ महीनों में, सीरिया सरकार के सशस्त्र बलों ने पूर्वी घाउटा की घेराबंदी को तेज कर दिया है। जिसके चलते यहाँ के लोगों के पास भोजन और दवा पहुंचना लगभग असंभव हो गया है। हजारों की संख्या में यहाँ के रोगी जो आवश्यक उपचार नहीं करा पा रहे हैं अपनी जगह छोड़ने पर मजबूर हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारियों के मुताबिक, 19 फरवरी से दुर्घटनाओं में काफी वृद्धी हुई है जिस वजह से पूर्वी घाउटा में लगभग 500 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 1500 से ज्यादा लोग घायल हुआ हैं, लेकिन यहाँ हो रही गोलीबारी और हवाई हमलों की वजह से स्वास्थ्य सुविधाएं भी काफी प्रभावित हुई हैं। पूर्वी घाउटा में लगभग 400,000 लोग रहते हैं। लेकिन पिछले पांच सालों में यहाँ पर कोई भी बाहर का इंसान नहीं आया है। यहाँ के सरकारी बलों द्वारा की जा रही घेराबंदी के कारण यहां हालात काफी नाजुक हैं।

सीरिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले को रोकने के लिए पिछले साल मई में रूस, ईरान और तुर्की ने डे-एस्केलेशन जोन स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किये थे। डी-एस्केलेशन जोन में शामिल हैं- इडलीब प्रांत, लाटैकिया प्रांत, हमा और अलेप्पो प्रांतों के कुछ हिस्सों, दक्षिणी सीरिया में होम्स, पूर्वी घाउटा, दारा और अल-कुइनेत्रा प्रांत शामिल हैं। 2011 के बाद से ही सीरिया में गृह युद्ध जारी है। विरोधी प्रदर्शनकारी लंबे समय से राष्ट्रपति असद से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। सीरिया सरकार एक तरफ विरोधियों के प्रदर्शनों और दूसरी तरफ कट्टरपंथी आईएसआईएस के बीच फंसी हुई है और टिके रहने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही है।