कुशासन बनकर रह गया है अब सुशासन बाबू नीतीश कुमार का राज

आईएनएन भारत डेस्क

पटनाः मुजफ्फरपुर जिले में नौ मासूम बच्चों की भाजपा नेता की गाड़ी से कुचलकर मारे जाने ने जहां देशभर में शोक और गुस्से का माहौल है तो वहीं इस एक घटना ने ना केवल भाजपा की कार्यपद्धति और आचरण पर कईं सवाल छोड़े हैं। बल्कि सुशासन बाबू को सवालों के घेरे में ला दिया है। इस घटना से भाजपा का दोहरा रवैया उजागर हो गया कि कैसे वह अपने कार्यकर्ता के फंसते ही उससे पल्ला झाड़ लेती है और फिर सबूत सामने आने पर अपनी पुरानी स्थिति से मुकरते हुए फिर उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का तमाशा करती है। दरअसल यह पंरपरा उसे संघ से विरासत में मिली है। जिसने गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को अपना मानने से इंकार कर दिया था। परंतु बाद में गोडसे के भाई गोपाल गोडसे ने जेल से रिहा होने के बाद किताब लिखकर दावा किया था कि गोडसे संघ से जुड़े हुए थे।

दूसरे इस घटना ने सुशासन बाबू नीतीश कुमार पर कईं सवाल छोड़े हैं। यदि बिहार में शराबबंदी है तो कैसे सुशासन बाबू के राज्य में सत्ता में उनकी पार्टनर भाजपा का एक नेता सरेआम शराब पीकर घूम रहा था। कहां थी सुशासन सूबे की पुलिस और कहां था सुशासन बाबू का सुशासन। सृजन घोटाले से लेकर मनोज बैठा की इस करतूत तक और राज्य में पनपते हुए अवैध शराब माफिया और उससे जुड़ी एक घटना ने नौ मासूमों की जान ले ली है और सुशासन बाबू का जमीर जाग ही नही रहा है। उनके लब बंद हैं और सुशासन सो रहा है। अब कुशासन बनकर रह गया है सुशासन बाबू नीतीश कुमार का राज!

मुजफ्फरपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज बैठा ने नौ स्कूली बच्चों को कार चढ़ा कर मार दिया था। नौ बच्चों के मारे के बाद से भाजपा नेता बैठा फरार हो गए थे। बिहार पुलिस ने बैठा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 24 फरवरी को पुलिस ने पुष्टि की थी कि छात्रों को मारने वाला वाहन बैठा का था। हालांकि, भाजपा ने इनकार कर दिया है कि बैठा उनकी पार्टी का सदस्य है।

मृत छात्रों के माता-पिता ने बैठा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। वहीं ग्रामीणों ने मौतों के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल ने विधानसभा के बाहर घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।

पुलिस बैठा को खोजने में लगी है। बैठा सीतामढ़ी जिले के निवासी हैं। मीनापुर स्टेशन हाउस ऑफिसर सोना प्रसाद सिंह ने समाचार एजेंसी को बताया कि हमने धरमपुर गांव के मोहम्मद अंसारी की शिकायत के आधार पर 25 फरवरी को बैठा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अंसारी ने अपने पांच पोते खो दिए हैं।

दुर्घटनास्थल की तस्वीर में, वाहन पर बीजेपी बोर्ड देखा जा सकता है। इसमें चैबीस बच्चे घायल हुए थे। घटना के बाद विरोधियों ने शिक्षकों पर कथित तौर पर हमला किया और स्कूल संपत्ति को आग लगा दी।

बता दें कि बीजेपी के पदाधिकारियों ने मनोज बैठा को बीजेपी के सदस्य होने से इनकार किया था। लेकिन जैसे ही एक तस्वीर, जिसमे स्वयं सुशील मोदी भी है वायरल हुई, बीजेपी ने बैठक कर 6 वर्षो के लिए मनोज बैठा को पार्टी से निकाल दिया।