Film Review: “सोनू के टीटू की स्वीटी” है रोमांस में ब्रोमांस का तड़का

Film Reviewer: Smriti Mala

फिल्म: सोनू के टीटू की स्वीटी

निर्देशक: लव रंजन

लेखक: राहुल मोदी, लव रंजन

अभिनय: कार्तिक आर्यन, सनी  जिजर, नुशरत भरुचा

संगीत: स्कोर: हितेश सोनिक

            गाने: रोचक कोहली, हनी सिंह, अमाल मलिक, जैक नाइट, गुरु रंधावा, रजत नागपाल

रिलीज डेट: 23 फरवरी 2018

रर्निंग समय: 2 घंटे 18 मिनट

“प्यार का पंचनामा” और “प्यार का पंचनामा 2” में मर्दो को बेचारा और औरतों को विलेन दिखाने वाले लव रंजन इसी तर्ज पर अपनी नई फिल्म सोनू  के टीटू  के स्वीटी लेकर आए हैं जिसमें ब्रोमांस और रोमांस भरपुर है।  पुरी फिल्म काफी मनोरंजक है, और दर्शकों को हंसाती रहती है।  हमेशा की तरह कार्तिक आर्यन को देखने में काफी मजा आता है। आलोक नाथ को नए अवतार में आसंस्कारी बापू की तरफ देखना भी काफी दिलचस्प हैं।

कहानी: सोनू और टीटू बचपन के दोस्त हैं और भाई जैसे हैं। सोनू टीटू को हर बार दिल टूटने पे तसल्ली देता है, और गलत लड़कियों के चंगुल से बचाता है। टीटू बार बार दिल टूटने से बचने के लिए सीधे शादी करने का फैसला करता है। उसे अरेंज मैरिज में एक लड़की मिलती है स्वीटी, जो पूरी तरह स्वीट है। टिटू बहुत खुश है कि उसे एक आर्दश लड़की मिली है। लेकिन सोनू को लगता है कि कोई लड़की इतनी परफेक्ट और आर्दश कैसे हो सकती है। जरूर कोई गड़बड़ है। सोनू टीटू और स्वीटी की शादी रोकने की कोशिश में लग जाता है। वही स्वीटी टीटू से हर कीमत पर शादी करने की कोशिश मे लग जाती है।

सोनू के टीटू की स्वीटी कहानी का आधार “प्यार का पंचनामा”  जैसा है। ऐसा लगता है जैसे यह प्यार का पंचनामा  3 है। स्क्रीनप्ले अच्छा है, अंत तक यह जिज्ञासा बनी रहती है कि कौन जीतेगा सोनू या स्वीटी।  क्लाइमेक्स अलग निकलता है, लेकिन लव रंजन के प्यार का पंचनामा की तरह ही होता है जिसमें लड़की विलेन निकलती है और मर्द बेचारे होते हैं। फिल्म के संवाद अच्छे हैं खास करके कार्तिक आर्यन के।

अभिनय: कार्तिक आर्यन अपनी पिछली फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी अपनी छाप छोड़ते हैं। सोनू के रोल को उन्होंने बहुत अच्छा निभाया है। सनी जीजर और नुशरत भरूचा अच्छा अभिनय किया है। आलोकनाथ असंस्कारी पिता के उल्टा रोल में  पैग लगाते, और असभ्य भाषा का इस्तेमाल करते नजर आते हैं। जिसमें वह कमाल के दिखते हैं। बाकी कलाकार भी अभिनय के मामले में खरे उतरते हैं।

संगीत: फिल्म के गाने “छोटे छोटे पैक” हनी सिंह ने वापसी की है जो फिल्म रिलीज होने से पहले ही हिट हो गई है। “बम डिग्गी डिग्गी” गाना भी दर्शकों को भाया है।

सकारात्मक पक्ष: ब्रोमांस, मनोरंजन, गाने

नकारात्मक पक्ष: प्यार का पंचनामा की तरह लगता है।

निष्कर्ष:  ब्रोमांस और मनोरंजन से भरपूर एवं पैसा वसूल है।

रेटिंग: 2.5/5