रामदेव की कंपनी चंदन की लकड़ियां भेज रही थी चीन, डीआरआई ने निर्यात पर लगाई रोक

आईएनएन भारत डेस्क

बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद द्वारा लाल चंदन की चीन भेजी जा रही लकड़ियां डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने जब्त कर ली हैं। रामदेव की कंपनी के खिलाफ आदेश जारी करते हुए फिलहाल डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने रामदेव की कंपनी के लकड़ी निर्यात पर रोक लगा दी है। हालांकि पतंजलि इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई है।

दिल्ली के एक प्रख्यात अंग्रेजी अखबार के अनुसार डीआरआई और कस्टम डिपार्टमेंट ने लाल चंदन की लकड़ियों के साथ लकड़ियां ले जा रहे पतंजलि के प्रतिनिधि के दस्तावेज और पासपोर्ट भी जब्त कर लिए हैं। पतंजलि के पास केवल ग्रेड-सी की चंदन की लकड़ियों के एक्सपोर्ट करने की इजाजत है, परंतु बताया जा रहा है कि वह इसी लाइसेंस पर लाल चंदन की लकड़ी भी चीन भेज रहे थे।

इस मामले में हाई कोर्ट गई रामदेव की कंपनी ने दावा किया है हमने अभी तक एक्सपोर्ट नहीं किया है और यह अभी प्रोसेस में है। रामदेव के प्रवक्ता ने बताया कि लाल चंदन की यह लकड़ियां उनकी कंपनी ने आंध्र प्रदेश फोरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड से खरीदी थीं। उनके अनुसार चीन भेजन की प्रक्रिया के सभी काम कानून के हिसाब से किए जा रहे थे।

पतंजलि प्रवक्ता ने मेल करके अंग्रेजी अखबार को बताया कि एक्सपोर्ट की प्रक्रिया में शामिल सभी दस्तावेज, परचेज ऑर्डर, परफॉर्मा इनवॉयस, कृष्णपट्टनम पोर्ट पर लकड़ियों की मौजूदगी, लकड़ियों की दर और सी कैटेगरी की लकड़ियों के निर्यात का परमिशन और लाइसेंस उसके पास मौजूद हैं।

हालांकि रामदेव के प्रवक्ता ने कहा कि यह विरोधियों की साजिश का नतीजा हो सकता है। वहीं जांच एजेंसी ने जांच पूरी होने तक पतंजलि के इन सामानों को एक्सपोर्ट करने पर रोक लगा दी है। रामदेव के पतंजलि समूह ने दिल्ली हाईकोर्ट से जब्त लकड़ियों को रिलीज करने की गुहार भी लगाई है।