बनारस हिंदू विश्वविद्याालय के संस्कृति उत्सव में बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे की जय-जयकार

आईएनएन भारत डेस्क
वाराणसीः बनारस हिंदू विश्वविद्यालय इस साल फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार मामला बीएचयू के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव में राष्ट्रपिता गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की जय जयकार से जुड़ा है। इस संस्कृति उत्सव में एक नाटक का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक था मैं ही हूँ गांधी का हत्यारा।

नाटक में नाथूराम गोडसे को एक अच्छे शख्स के रूप में दिखाया गया और गांधीजी की हत्या क्यों की गई उसके बारे में यह नाटक प्रस्तुत किया गया। अब इस नाटक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

नाटक में दिखाया गया कि मैं ही हूँ गांधी का हत्यारा, 32 साल से गांधी ने मुसलामानों का साथ दिया इसलिए इनकों जाना होगा। बीएचयू के छात्रों के अनुसार नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या करने के कारण के रूप में ऐसे संवाद प्रस्तुत किये। वहीं छात्रों का आरोप है कि इस नाटक की वजह से गोडसे की एक साफ छवि पेश करने कि कोशिश की गई है और गांधी की हत्या को न्यायोचित ठहराकर देश में सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश कि गई है। जिसे बीएचयू के बाकि छात्र होने नहीं देंगे। ये मुल्क ये धरती सभी धर्मो के लिए है। इस देश को आजाद कराने में गांधीजी का जो योगदान रहा हैं उसे कोई नहीं भूल सकता है।

वहीं इस मामले को लेकर बीएचयू के कुछ छात्रों ने लंका थाने में आवेदन कर इस तरह के कार्यक्रम पर रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने कि मांग की है। वहीं छात्रों ने आवेदन पत्र बीएचयू प्रशासन को भी देकर दोषियों पर कारवाही करने की मांग की है।