जनता के पैसे की लूट और अंबानी-अड़ाणी के रिश्तेदार

आईएनएन भारत डेस्क
पीएनबी घोटाले और निशाल-नीरव मोदी परिवार से अंबानी के संबंधों की गंूज अभी थमी ही नही थी कि सोशल मीड़िया पर रोटोमैक पैन के निर्माता विक्रम कोठारी के साथ अडाणी के रिश्तों की चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया है।
हाल ही में यह सच सोशल मीड़िया पर सामने आया है कि विक्रम कोठारी की बेटी नम्रता कोठारी जो अब नम्रता अडाणी हैं, वो दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे करीबी और चहेते उद्योगपति गौतम अडाणी के बड़े भाई विनोद अडाणी के बेटे प्रणव अड़ाणी की पत्नी हैं। ध्यान रहे यह वही विनोद अडणी हैं जिनका नाम कुछ समय पहले पनामा पेपर्स में सामने आया था। पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद भी वह सुरक्षित हैं, ना कोई जांच, ना कोई चर्चा, ना कोई सुनवाई और ना ही कोई सजा।
अब सोशल मीड़िया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि आप अंबानी-अडाणी के रिश्तेदार हैं तो इस देश में सबसे सुरक्षित हैं। आप लूट के लिए स्वतंत्र हैं और लूटकर भाग जाने की भी आपको छूट है। ना केवल लूटकर भाग जाने बल्कि बाद में बैंक और जांच एजेंसियों को भी धमकाने का अधिकार आपके पास है। नीरव मोदी ने पीएनबी को लिखे पत्र ने सिद्ध कर दिया है कि आपको लूटकर बैंक को धमकाने का अधिकार भी हासिल हो सकता है। यदि आप देश के सबसे अमीर व्यक्ति के रिश्तेदार हैं।
बहरहाल जिस प्रकार से मोदी सरकार और उनके मंत्री नीरव मोदी की लूट के रणनीतिक बचाव में सामने आ रहे हैं, उससे जाहिर है कि दाल में कुछ काला जरूर है। केन्द्र सरकार के मंत्री दावा कर रहे हैं कि यह घोटाला 2011 से शुरू हुआ था। परंतु मोदी सरकार के नियंत्रण वाली सीबीआई की एफआईआर के अनुसार इस बड़े घोटाले को जनवरी-फरवरी 2017 में अंजाम दिया गया था। याद रहे कि नीरव मोदी के भाई की शादी मुकेश-अनिल अंबानी की भांजी के साथ दिसंबर 2016 में हुई थी। अब इन दोनों घटनाओं में लोग अन्तर्संबंध नही खोजेंगे तो क्या करेंगे।
ठीक यही हाल अड़ाणी और कोठारी मामले पर भी है। हाल ही में एक टीवी बहस के दौरान संघ-भाजपा से जुड़े उनके प्रवक्ता ने कोठारी और नीरव मामले में अंतर बताते हुए कहा था कि कोठारी का मामला नीरव मोदी से अलग है। कोठारी केवल एनपीए अथवा विलफुल डिफाल्ट के दोषी हैं और यह कोई बैंकिंग फ्राॅड का मामला नही है। याद रहे यह वही मोदी सरकार है जिसने पनामा पेपर्स के सामने आने पर शानदार और जानदार चुप्पी ओढ़ ली थी। जाहिर है कि निशाल-नीरव मोदी घोटाले के बाद अब कोठारी पर भी सरकार कार्रवाई का दिखावा करेगी परंतु आखिर में जीत अंबानी-अडाणी के रिश्तेदारों की ही होगी।