गुजरात में दलित विधायक जिग्नेश मेवानी को पुलिस ने लिया हिरासत में, जगह जगह विरोध

आईएनएन भारत डेस्क:
अहमदाबादः गुजरात में दलितों की खैर नहीं, इस बात को भारतीय जनता पार्टी की सरकार अंजाम देने में लगी हुई है। बता दें कि गुरूवार को पाटन में कलेक्टर ऑफिस के सामने दलित कार्यकर्ता भानुभाई वानकर ने आत्मदाह कर लिया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गुजरात में दलित समाज का गुस्सा एक बार फिर भाजपा सरकार पर फूट पड़ा है। भानुभाई की मौत के बाद अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने अहमदाबाद और हिम्मतनगर कलेक्टर को आवेदन देकर भानुभाई को न्याय दिलाने की मांग की। उनके परिवार को मुआवजा मिले, दलितों को उन्हें आवंटित जमीन पर मालिकाना हक मिले। आंदोलनकारियों ने आवेदन के जरिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से इस्तीफा भी माँगा है।  आवेदन देने गई टीम का नेतृत्व अल्पसंख्यक अधिकार मंच के एडवोकेट शमशाद पठान ने किया था।
वही इस घटना के बाद विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने अहमदाबाद बंद का ऐलान किया था। मेवाणी ने पाटन कलेक्टर ऑफिस के सामने आत्मदाह करने वाले भानुभाई की मौत को लेकर सरकार को घेरते हुए लोगों से सारंगपुर में बाबा अम्बेडकर की प्रतिमा के पास इकट्ठा होने के लिए कहा था। हालांकि पुलिस ने मेवाणी का कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। मेवाणी के ट्विटर अकांउट से ट्विट कर कहा है कि मेवाणी और उनके साथियों को कार से निकाल कर कार की चाबी तोड़ के गलत तरीके से पुलिस ने उन्हें और उनके लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं इस बात की खबर मिलते ही प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और जगह जगह पर आगजनी की घटना को अंजाम दिया। हालांकि सरकार ने पूरे शहर में स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया है।