गुजरात में भाजपा विधायक को नाराज लोगों ने दौड़ाया, विधायक ने भागकर जान बचाई

आईएनएन भारत डेस्क:

पाटन के जिला कलेक्टर कार्यालय पर एक दलित सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा आत्मदाह करने से नाराज लोगों ने गुजरात भाजपा के विधायक कर्षन सोलंकी को बनाया निशाना और विधायक को भागकर बचानी पड़ी अपनी जान।

दो दिन पहले ही आईएनएन भारत ने एक दलित सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा आत्मदाह करने की खबर प्रकाशित की थी। भाजपा विधायक आत्मदाह में अपनी जान गंवा चुके भानुभाई वानकर के परिवार से मिलने  पहुंचे थे। परंतु भानुभाई वानकर की मौत से गुस्साये उनके लोगों का पारा कर्षन सोलंकी को देखते ही सातवें आसमान पर चढ़ गया और उन्होंने भाजपा विधायक को ना केवल खरी खोटी सुनाई बल्कि उन पर हमला भी बोल दिया। कई टीवी चैनलों द्वारा चलाये जा रहे वीड़ियो में साफ देखा जा सकता है कि एक आदमी कैसे भागते हुए भाजपा विधायक को मार रहा है और भाजपा विधायक अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हैं।

वास्तव में सरकार द्वारा एक दलित महिला को जमीन आंवटन के बाद भी जमीन नही मिलने पर भानुभाई उक्त महिला को जमीन दिलवाने की लड़ाई लड़ रहे थे और सालों की लंबी लड़ाई से हताश होकर ही भानुभाई ने यह कदम उठाया। यह केवल एक मामला नही है पूरे राज्य में इस प्रकार दलितों को ठगने और जमीन का कब्जा नही देने के अनगिनत मामले लंबित पड़े हैं। जिन पर गुजरात सरकार और भाजपा विधायक दल में दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले दलित भाजपा नेता जुमलेबाजी ही करते रहते हैं। परंतु भानुभाई वानकर की मौत ने इस पूरे मामले को हवा दे दी है। ऐसे में कर्षन सोलंकी को देखते ही भानुभाई के परिवार वालों और बाकी लोगों का पारा सातवे आसमान पर  पहुंच गया और उन्होने भाजपा विधायक को वहां से मारकर भगा दिया।

हालांकि भानुभाई वानकर के परिवार से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल भी पाटन के जिला अस्पताल पहुंचे थे। बता दें कि भानुभाई के परिवार ने न्याय नही मिलने तक भानुभाई का शव लेने से इंकार कर दिया था l