राहुल गांधी की रणनीति से अरविंदर सिंह लवली की घर वापसी

आईएनएन भारत डेस्क:
नई दिल्ली। कभी दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेहद करीबी माने जाने वाले अरविंद सिंह लवली की एकबार फिर से कांग्रेस में वापसी हो गयी है। लवली ने दिल्ली नगर निगम चुनावों से पहले अप्रैल 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। साल 2014 के लोकसभा चुनाव और साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी खाता खोलने में कामयाब नही हो सकी थी। इसके बाद 4 बार विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके लवली का पार्टी छोड़ देना कांग्रेस के लिए नगर निगम चुनावों से पहले एक भारी झटका था।

पार्टी छोड़ते वक्त लवली ने कांग्रेस नेतृत्व से नाराजगी जाहिर की थी। माना जा रहा है राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने अपनी रणनीति बदल ली है। राहुल ने पहल करते हुए लवली को घर वापसी का मैसेज भेजा। इससे राहुल की रणनीति साफ है कि चुनाव जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण है और जो लोग वापस आना चाहते हैं उनके लिए आपसी मतभेद को दूर करना होगा।

गुजरात में ये चीज सामने भी आई थी जब राहुल गांधी ने कहा था कि सभी खेमों को एक साथ मिलना चाहिए. इसके अलावा ये बात तब भी देखी गई जब परस्पर विरोधी अजय माकन और शीला दीक्षित ने एक साथ मंच साझा किया। माकन पहले शीला से मिले और फिर पार्टी के अभियान के लिए उन्हें न्यौता दिया। उसके बाद ही लवली की घर वापसी का भी रास्ता खुल सका। आक्रामक भाजपा और आप का सामना करने के लिए राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि कोई भी खेमेबाजी अब नहीं चलेगी।

लवली ने भी मनमुटाव और पुराने गिले शिकवे दूर होने की बात मानते हुए कांग्रेस में वापसी को घर वापसी बताते हुए कहा कि वे भाजपा में स्वयं को हमेशा मिस फिट महसूस करते थे और अब वे अच्छा महसूस कर रहे हैं।