गुजरात प्रशासन से तंग आकर दलित एक्टिविस्ट ने किया आत्मदाह

आईएनएन भारत डेस्क
अहमदाबादः पाटन कलेक्टर ऑफिस के सामने एक दलित एक्टिविस्ट भानुभाई ने खुद को आग लगा कर आत्मदाह कर लिया। बताया जा रहा हैं कि भानुभाई गुजरात सरकार और प्रशासन से तंग आ कर ऐसा करने पर मजबूर हुए।

इस मामले में एडवोकेट शमशाद पठान ने बताया कि जमीन को नियमित करने की मांग को लेकर दलित एक्टिविस्ट भानुभाई कलेक्टर और सरकार से कई बार गुहार लगा चुके थे। मगर सरकार और प्रशासन ने उनकी एक ना सुनी। जिससे तंग आकर उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा। बुरी तरह से जल चुके भानुभाई की मौत हो गई।

पठान ने कहा कि सबसे शर्म की बात हैं कि अब हमारे अन्दर इंसानियत रही ही नहीं। जब भानुभाई आत्मदाह कर रहे थे। वहां खडी पुलिस तमाशा देख रही थी जमा हुई भीड़ फोटो लेने और वीडियों बनाने में व्यस्त थी। आज गुजरात सरकार और प्रशासन ने मिल कर एक दलित एक्टिविस्ट की हत्या कर डाली।

गुजरात में भाजपा सरकार में दलित और अल्पसंख्यकों को सबसे ज्यादा परेशान किया जाता है और ये सरकार के इशारे पर होता है।

वहीं इस घटना के बाद एडवोकेट शमशाद पठान अल्पसंख्यक अधिकार मंच के साथ मिल कर अहमदाबाद के कलेक्टर को आवेदन करने वाले हैं। इस आवेदन के जरिए उनकी मांग होगी कि गुजरात में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगायी जाए। जितने भी जमीन के मामले हैं उन्हें तुरंत निपटा कर नियमित किया जाए।