संघ नेता इंद्रेश कुमार का दावा भीख माँगने से मिलता हैं 20 करोड़ लोगों को रोजगार

आईएनएन भारत डेस्क:
भोपालः मोदी सरकार चुनाव अभियान के दौरान नौजवानों को 2 करोड़ रोजगार देने के अपने वायदे को 4 साल में भी पूरा नही कर पायी। अपने लगभग 4 साल के कार्यकाल में युवाओं को रोजगार मुहैया नहीं करा सकने वाले पीएम मोदी ने रोजगार मुहैया कराने की जगह शिक्षित नौजवानों को पकौड़ा बेचने की सलाह तक दे डाली तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इसी बात को दोहराते हुए संसद में दिये गये अपने पहले भाशण में ही युवाओं को पकौड़ा बेच कर रोजगार करने तक की बात कह दी। अभी ये मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि आरएसएस नेता और मालेगाँव बम के आरोपी इन्द्रेश कुमार ने भी एक अजूबा जुमला छोड़ दिया कि भीख मांगना भी रोजगार है। इंद्रेश कुमार ने इस प्रकार का बयान देकर राजनीतिक हलकों में हंगामा खड़ा कर दिया है। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में कलाम का भारत विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में इन्द्रेश कुमार ने कहा कि भीख मांगना भी 20 करोड़ लोगों का रोजगार है। जिन्हें किसी ने रोजगार नहीं दिया उन्हें धर्म से रोजगार मिलता है। जिस परिवार में 5 पैसे की कमाई ना हो उस परिवार का दिव्यांग और दूसरे सदस्य धार्मिक स्थलों में भीख मांग कर परिवार का गुजारा करते है।

इसी कार्यक्रम में पीएम मोदी के पकौड़े वाले बयान का समर्थन करते हुए इन्द्रेश कुमार ने कहा कि पकौड़ा तलना देश के 15 करोड़ से ज्यादा लोगों का व्यवसाय है और इसे हीन कारोबार नहीं समझना चाहिए। इन्द्रेश ने कहा कि अगर पकौड़ा बेचने वाले लोगों के काम को भी लोग हीन काम समझते हैं तो ये बेहद दुखद है।