योगी सरकार में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंखियकों और स्त्रियों पर बढ़ रहे अत्याचार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन

आईएनएन भारत डेस्क:
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में वंचितों, दलितों और अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे निरंतर हमले के खिलाफ  उत्तर प्रदेश भवन, दिल्ली पर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन हुआ। जेएनयू नई दिल्ली में वंचितों के अधिकारों के लिए के लिए कार्यरत संगठन बापसा  (BAPSA) के आह्वान पर, समान मुद्दों के लिए संघर्षरत साथी संगठन यूनाइटेड ओबीसी फोरम (जेएनयू एवं डीयू इकाई ) और जामिया, डीयू एवं अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों ने हिस्सा लिया।दिलीप सरोज और राबिया की नृशंस हत्या के खिलाफ यूपी भवन पर योगी-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में दोषियों की तत्काल सभी आरोपियों को गिरफ्तारी और सजा की मांग की।

बापसा से प्रवीण थलापल्ली, बाल गंगाधर बाग़ी, राहुल सोंपिम्पले तथा अन्य साथियों ने अपनी बात रखी। वहीं यूनाइटेड ओबीसी फ़ोरम की तरफ से मुलायम सिंह, अभिषेक सौरभ, अमित कुमार और अन्य साथियों ने बात रखी। योगी-प्रशासन में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और स्त्रियों पर बढ़ रहे अत्याचार के मद्देनजर सभी वक्ताओं ने ब्राह्मणवादी और मनुवादी योगी- प्रशासन पर लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का गंभीर आरोप लगाया और उनपर स्वजातीय गुंडों के क़ानूनी संरक्षण का आरोप भी लगाया।

यूनाइटेड ओबीसी फ़ोरम की तरफ़ से बोलते हुए मुलायम सिंह ने अम्बेडकरवादी और मंडलवादी ताकतों की एकता का आह्वान करते हुए कहा कि सांप्रदायिक और मनुवादी गुंडागर्दी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बहुजन साथियो इकट्ठा हो।

वहीं यूनाइटेड ओबीसी फ़ोरम के ही एक अन्य साथी अभिषेक सौरभ ने कहा कि हम हर तरह की जातिगत-साम्प्रदायिक हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। जो भी हमारे साम्प्रदायिक-सौहार्द और मानवीय एकता के सामाजिक ताने-बाने के खिलाफ है, हम उसके सख़्त ख़िलाफ़ हैं। मानवता को शर्मसार करने वाली इन असामाजिक, असंवैधानिक और नफ़रत फैलाने वाली साम्प्रदायिक दुःशक्तियों को हम सब जब तक नेस्तनाबूद नहीं कर देते, तब तक एक गंभीर संकट हमारे सामाजिक-एकता पर, हमारी मनुष्यता पर और हमारे लोकतंत्र पर मंडराता रहेगा।