मेरे बेटे की मौत को सांप्रदायिक रंग ना दें, किसी मुस्लिम से नफरत नही

आईएनएन भारत डेस्क
नई दिल्लीः दिल्ली में अंकित सक्सेना के ऑनर किलिंग के बाद जिस तरह से पूरे मामले को मसले को हिंदू-मुस्लिम और लव जेहाद से जोड़कर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है उससे अंकित के पिता भी बेहद दुखी हैं। अंकित के पिता यशपाल ने मीडिया और नेताओं से मामले को सांप्रदायिक रंग नही देने की अपील की है। कहा जाता है कि एक मुस्लिम लड़की के साथ अंकित के प्रेम संबंध के कारण उसकी हत्या हो गयी परंतु इस वारदात के सामने आने के बाद से ही मीडिया में पूरे मामले को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाकर रख दिया है।

अंकित के पिता मीडिया और नेताओं के इस रवैये से दुखी और परेशान हैं। शनिवार शाम को परिवार से मिलने गए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से यशपाल ने कहा कि “ मेरे पास एक बेटा था। अगर मुझे न्याय मिलता है तो ठीक है। अगर नहीं तो उसके बाद भी मेरे भीतर किसी समुदाय के प्रति किसी तरह की नफरत नहीं होगी। मेरे अंदर इस तरह की कोई (सांप्रदायिक) सोच नहीं है। मैं ये समझ पाने में असमर्थ हूं कि मीडिया इस मुद्दे को उस तरह से क्यों दिखा रहा है?

मोबाइल के एक वीडियो टेप में उन्होंने कहा कि मीडिया के लोग आते हैं और मुझसे प्रेम और उदारता से बात करते हैं लेकिन टीवी पर कुछ और ही दिखाते हैं। मेरे रिश्तेदार और पड़ोसी आते हैं और मुझे बताते हैं कि टीवी चैनलों पर क्या दिखाया जा रहा है। वो तथ्यों को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक अंकित सक्सेना पेशे से फोटोग्राफर था और बीए सेकेंड ईयर में पढ़ने वाली शहजादी के साथ उसकी उस समय मित्रता हो गयी थी जब उनके परिवार पश्चिमी दिल्ली के एक ही इलाके में रहते थे। समय के साथ उनकी दोस्ती प्यार में बदल गयी। और ऐसा कहा जा रहा है कि दोनों शादी करने वाले थे। लेकिन लड़की का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। गुरुवार की शाम को जब लड़की घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों को लड़के द्वारा उसके अपहरण का शक हुआ। तकरीबन रात नौ बजे उन लोगों को एक गली में लड़के से मुलाकात हो गयी। जहां दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया और बताया जा रहा है कि उसी समय लड़की के पिता ने अंकित की हत्या कर दी।

स्थानीय पुलिस ने लड़की के पिता, मां, चाचा और उसके नाबालिग भाई को गिरफ्तार कर लिया है। सामने आए एक दूसरे 2 मिनट के वीडियो में यशपाल के एक युवा रिश्तेदार ने मीडिया द्वारा पूरे मामले को नाटकीय तरीके से पेश किए जाने की कड़ी आलोचना की है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी जब वहां बैठे हुए थे तभी पीड़ित परिवार ने लोगों से कहा कि केवल फोटो खिंचाने के लिए किसी को आने की जरूरत नहीं है। यशपाल के एक रिश्तेदार ने हाथ जोड़ते हुए लोगों से कहा कि हम केवल न्याय चाहते हैं। न पैसा और न ही कोई सहायता। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई हमारे साथ आ रहा है तो वो दिल से जुड़े। लेकिन अगर कोई केवल फोटो खिंचाने के लिए आ रहा है। तब सर, हम अपना मुकदमा खुद लड़ लेंगे। हम लोगों ने पहले ही एक केस कर दिया है। सर, अगर आप यहां आते हैं तो वो केवल न्याय दिलाने के लिए होना चाहिए। अंकित के पिता दिल के मरीज हैं बावजूद इसके उन्होंने कहा कि हमें ने तो कोई लालच है और न ही किसी से घृणा।