अखिलेश यादव ने कासगंज हिंसा के लिए यूपी सरकार पर निशाना साधा, भाजपा की नीतियों को बताया दंगे का जिम्मेदार

आईएनएन भारत डेस्क:

कासगंज। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कासगंज की हिंसा के लिए यूपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं के लिये कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से सद्भाव एवं भाईचारा बनाये रखने की अपील की और कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का नफरत फैलाने का इतिहास रहा है। देश के जिन- जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में रही है, वहां समाज को विभाजित करने के प्रयास हुए। प्रदेश में पिछले दस महीने में जिस तरह भाजपा की नीतियों से सामाजिक बंटवारा बढ़ रहा है, वह व्यवस्था के लिये खतरा है। समाज के लिए खतरा हैं।

बतादें कि 69 वें गणतंत्र दिवस के दिन उत्तर प्रदेश के कासगंज में दो समुदायों के बीच पिछले चार दिनों से हो रही तनाव और हिंसा के बाद अब यूपी सरकार हालात धीरे- धीरे सुधारने के दावे कर रही  है। अब तक पुलिस ने 112 लोगो को गिरफ़्तार किया है। जिनमे से 31 को नामज़द और शेष 81 को एहतियात के तौर पर गिरफ्तार किया गया है।

वहीं प्रशासनिक अफसर अमन कमेटियों के जरिए शहर में शांति बहाल करने के प्रयास में जुट गए हैं। दोनों संप्रदाय के नेताओं और बुजुर्गों ने अपने-अपने क्षेत्र में जाकर शांति की अपील की। उनके इस प्रयास के कारण ही शाम को बाजार खुले और लोग अपने रोजमर्रा के जरूरी सामान खरीद कर ले गये।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार तक कुल 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन एफआईआर में अब तक कुल 31 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है और 81 लोगो को निरोधात्मक कार्यवाही के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस टीम गठित कर, इस घटना में चिन्हित लोगो की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। क़ानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए कासगंज में धारा 144 लागू हैं। ड्रोन की मदद से पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने हिंसा में मारे गए युवक के परिजनों को 20 लाख रुपये के मुआवजे का भी एलान किया गया है।

खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदन गुप्ता के परिवार को 20 लाख रुपये का  मुआवजा देने की घोषणा की है। आज सोमवार को वहाँ के जिलाधिकारी चन्दन गुप्सत के घर जाकर 20 लाख का चेक उसके परिवार को दिया। मुआवजा के चेक देने के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि उसके परिवार वाले चंदन को शहीद घोषित करने की मांग कर रहे थे।