20 विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने से दिल्ली सरकार और आप को बड़ा झटका

आईएनएन भारत डेस्क
नई दिल्लीः 20 विधायकों की सदस्यता के काफी समय से लंबित मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को चुनाव आयोग ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोती का कार्यकाल 22 जनवरी को पूरा हो रहा है और इस कार्रवाई को उनके रिटायर होने से पहले की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा हे। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा रिटायर होने से पहले दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी को दिया गया यह सबसे भारी झटका है। आयोग ने विधायकों की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी है। हालांकि दिल्ली सरकार और आप के लिए अभी भी न्यायपालिका की शरण में जाने का विकल्प खुला है।
इस मामले पर आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है कि राष्ट्रपति महोदय को 21 विधायकों की रिपोर्ट भेजी गयी है। अभी इस पर कोई खबर नहीं है, सब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही हैं।
चुनाव आयोग का फैसला आते ही भाजपा ने अपनी हमेशा की इच्छा के अनुसार केजरीवाल सरकार को बर्खास्त कर देने की मांग दोहरा दी है। भाजपा ने अरविंद केजरीवाल से भी इस्तीफे की मांग कर डाली।

आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के लाभ का पद मामले में चुनाव आयोग पहले ही सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आप के 21 विधायक संसदीय सचिव हैं जो कि लाभ का पद है। इसलिए इनकी याचिका चुनाव आयोग ने खारिज कर दी थी।

आम आदमी पार्टी ने 13 मार्च 2015 को अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था। इसके बाद 19 जून को प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति के पास इन सचिवों की सदस्यता रद्द करने के लिए आवेदन किया। इसके बाद जरनैल सिंह के पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए राजौरी गार्डन के विधायक के रूप में इस्तीफा देने के साथ उनके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई थी।

आयोग का कहना है कि जब हाई कोर्ट ने विधायकों की नियुक्ति को असंवैधानिक बताकर उन्हें दरकिनार कर दिया था, तब ये विधायक 13 मार्च 2015 से आठ सितंबर 2016 तक ‘अघोषित तौर पर’ संसदीय सचिव के पद पर थे। अदालत ने आठ सितंबर 2016 को 21 आप विधायकों की संसदीय सचिवों के तौर पर नियुक्तियों को दरकिनार कर दिया था। अदालत ने पाया था कि इन विधायकों की नियुक्तियों का आदेश उप राज्यपाल की सहमति के बिना दिया गया था।
राष्ट्रपति की ओर से 22 जून को यह शिकायत चुनाव आयोग में भेज दी गई। शिकायत में कहा गया था कि यह ‘लाभ का पद’ है इसलिए आप विधायकों की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।

जिन 20 विधायकों को आयेग्य ठहराया गया उनकी सूचीः
1. प्रवीण कुमार
2. शरद कुमार
3. आदर्श शास्त्री
4. मदन लाल
5. चरण गोयल
6. सरिता सिंह
7. नरेश यादव
8. जरनैल सिंह
9. राजेश गुप्ता
10. अलका लांबा
11. नितिन त्यागी
12. संजीव झा
13. कैलाश गहलोत
14. विजेंद्र गर्ग
15. राजेश ऋषि
16. अनिल कुमार वाजपेयी
17. सोमदत्त
18. सुलबीर सिंह डाला
19. मनोज कुमार
20. अवतार सिंह