सामने आया लव जेहाद की ठेकेदारी और उसके पैरवीकारों का सच

जयपुर (आईएनएन भारत): राजस्थान पुलिस ने जैसी ही अफराजुल हत्याकाण्ड़ में चार्जशीट दाखिल की तो उसने तथाकथित लव जेहाद की सारी सच्चाई को दुनिया के सामने उजागर कर दिया कि किस प्रकार एक शातिर अपराधी ने अपनी असलियत छूपाने के लिए लव जेहाद और कट्टर हिंदू होने की छवि का सहारा लिया। और इससे ना केवल शंभू रैगर की असलियत को बेनकाब कर दिया बल्कि उसके समर्थन में उतरने वाले तथाकथित अंधराष्ट्रवादियों की कुंठा को सामने लाकर रख दिया है कि वो अपने पागलपन के लिए किस तरह से एक शातिर अपराधी के पक्ष में भी लामबंद हो सकते हैं।

देश को दहला कर रख देने वाले राजसमंद कांड में पुलिस ने 36 दिनों के बाद चार्जशीट पेश की है। इसमें साफ लिखा है कि अफराजुल के हत्यारे शंभू रैगर के एक लड़की के साथ अवैध संबंध थे। जिनको छुपाने के लिए उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

इस दर्दनाक हत्याकांड के बाद से देश की मीडिया इसे हिंदू मुस्लिम रंग देने में लगी हुई थी और पूरे घटना को लव जेहाद करार दिया गया था। वहीं कुछ भगवा संगठनों ने शंभू के लिए सोशल मीडिया में मुहिम चला कर लाखों रुपये की सहायता पहुंचाई। वहीं शंभू के समर्थन में उदयपुर कोर्ट कैंपस में भगवा झंडा तक लहराया गया। लेकिन जब पुलिस ने 413 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की तो घटना की सच्चाई सामने आई। पुलिस के पास इस मामले में 68 सुबूत और दो गवाह भी हैं। शंभू का नाबालिग भांजा जहां हत्या का चश्मदीद गवाह है वहीं मुख्य गवाह वह लड़की है जिसके साथ शंभू के संबंध थे।

घटना के मुख्य पहलू

– शंभू के अवैध संबंधों की बात अफराजुल और उसके दो दोस्त अज्जू व बल्लू भी जानते थे।
– अज्जू और बल्लू शेख भी बंगाल के रहने वाले थे। शंभू चाहता था कि ये लोग राजस्थान छोड़ कर चले जाएं।
– शंभू ऐसा इसलिए चाहता था क्योंकि इन लोगों को उसके अवैध संबंधों के बारे में पूरी जानकारी थी।
– 6 दिसंबर को उसने अफराजुल का कत्ल किया और अपने भांजे से इसका वीडियो बनवाया।
– वीडियो में उसने बार बार जिस लड़की का जिक्र किया है यह वही लड़की है जिसके साथ उसके संबंध थे।
-अपराध करने से पहले उसने बाकायदा इसके लिए पूरी प्लानिंग व प्रैक्टिस भी की थी।
– लड़की की भूमिका भी काफी पेचीदा है। बल्लू और अज्जू के साथ भी लड़की की दोस्ती थी।
– लड़की 2010 से कई बार इन लोगों के साथ बंगाल गई थी। शंभू का इसलिए इन लोगों से विवाद था।
– अफराजुल निर्दोष था लेकिन बल्लू और अज्जू से पहचान का खमियाजा उसे चुकाना पड़ा।