गुजरात में थम नही रहा भाजपा विरोध, भाजपा की जीत पर फिर उठने लगे सवाल

आइएनएन भारत डेस्क
अहमदाबादः गुजरात चुनाव में भाजपा की जीत के बाद भी भाजपा के नेताओें को जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात में राजनीतिक क्षेत्रों और जनता के बीच चर्चा गर्म है कि जब भाजपा नेताओं से जनता इस कदर नाराज है कि उन्हें सुनने को भी तैयार नही है तो वो कौन से उनके गुप्त वोटर हैं जिनके कारण भाजपा को गुजरात में जीत हासिल हुई।

रविवार 14 जनवरी को गुजरात के आदिवासी कल्याण मंत्री गणपत वसावा को रविवार को नर्मदा जिले के राजपीपला शहर में आदिवासी लोगों की भारी नाराजगी झेलनी पड़ी। मंत्री के आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन के कार्यक्रम स्थल पर मंच पर आते ही आदिवासी समुदाय के लोगों ने उनका भारी विरोध करना शुरू कर दिया। आदिवासी समुदाय के लोग मंत्री जी की बात सुनने को ही तैयार नही थे। आदिवासी समाज की नाराजगी केवल यहीं तक नही थमी बल्कि जब मंत्री जी मंच छोड़कर कार्यक्रम स्थल से जाने लगे तो नाराज लोगों ने उनके काफिले पर भी पथराव किया। राजपीपला के पुलिस उपाधीक्षक राजेश परमार ने बताया कि घटना में कोई जख्मी नहीं हुआ और मंत्री जी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोग अचानक नाराज हो गए और कार्यक्रम स्थल से वापस निकलते हुए मंत्री के वाहन पर पथराव किया। हालांकि पुलिस तत्काल हरकत में आई और काफिले को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में कोई जख्मी नहीं हुआ. पत्थर कार को नहीं लगी।’’ वसावा आदिवासी एकता परिषद की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राजपीपाला आए थे।

घटनाक्रम के बारे में आदिवासी एकता परिषद के एस बी वसावा ने बताया, ‘‘गणपत वसावा को जैसे ही मंच पर बुलाया गया, आदिवासी समुदाय ने मंत्री जी और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।’’ उन्होंने बताया, ‘‘लगातार बाधा के कारण मंत्री जी वहां से निकल गए। इसके बाद कुछ लोगों ने कार्यक्रम स्थल से बाहर उनके काफिले पर पथराव किया।’