महाश्वेता देवी को Google ने Doodle बनाकर दी श्रद्धांजलि

आईएनएन भारत:
नई दिल्ली। आज महाश्वेता देवी जी का 92 वीं जयंती हैं। इस अवसर पर Google ने Doodle बनाकर महाश्वेता देवी को श्रद्धांजलि अर्पित किया। महाश्वेता देवी सिर्फ अपने लेखन के लिए नहीं बल्कि पूरे भारत में आदिवासियों के कल्याण के लिए जो काम किया है, उस के लिए भी जानी जाती हैं। इन्होंने अरण्येर अधिकार, रुदाली यदि की रचना की। इन्हें अपनी ज़िन्दगी में साहित्य अकादमी पुरस्कार, पदम श्री, पदम विभूषण, बंगाली बिभूषण, ज्ञानपीठ, मैगसेसे पुरस्कार, बुकर इंटरनेशनल प्राइज जैसे सम्मानों से सम्मानित किया गया।। उनके कई लेखन और उपन्यास पश्चिम बंगाल के आदिवासी लोगों के अधिकारों के बारे में लिखा गया है। पूर्व वाम मोर्चा सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों के खिलाफ उन्होंने सिंगूर और नंदीग्राम में अभियान चलाया था।
Mahasweta Devi was felicitated and given Landmark Literature Life time achievement award at NCPA on Sunday. Mumbai 06-11-2011.
महाश्वेता देवी का जन्म 1926 में ढाका, बांग्लादेश में हुआ था। उनके पिता मनीष घटक भी एक लेखक थे। घटक बंगाली लेखन में कल्लोल आंदोलन का हिस्सा थे, जबकि उनके चाचा रितिक घटक फिल्म निर्माता थे। देवी ढाका में और बाद में शांतिनिकेतन और कोलकाता में अपना अध्ययन पूरा किया था। 1956 में प्रकाशित रानी लक्ष्मीबाई नामक झांसी कि रानी की जीवनी के साथ देवी ने 100 से अधिक उपन्यास लिखे हैं। हजर चुराशिरमा (1084 की माता), अरण्यारी अधिकार (राइट टू द वन), टिन कोरिर साध, अग्निगर (आग के भीतर) और रुदली उनके सबसे उल्लेखनीय कार्यों से हैं। 28 जुलाई 2016 को 90 साल के उम्र में कोलकाता में उनका देहांत हो गया था।