भारतीय छात्रों के लिए चीन बन रहा है शिक्षा का नया हब

आईएनएन भारत :
मुंबई। इंग्लैण्ड से कहीं ज्यादा चीन में भारतीय स्टूडेंट पढाई करने के लिए जाते हैं। 2010-11  से अभी तक भारत के बहुत सारे मेडिकल छात्र चीन अपनी रिसर्च के लिए जाते हैं। विशेषज्ञों की माने तो एनईईटी के कठिन एग्जाम की वजह से बहुत सारे भारतीय स्टूडेंट डॉक्टर की पढाई नहीं कर पाते हैं। जिस वजह से कई भारतीय छात्र-छात्राओं को मेडिकल की पढाई के लिए चीन जाना पड़ता हैं।
अभी अगर देखें तो बहुत सारे इंजीनियरिंग के स्टूडेंट सामने आये हैं जो अपनी आगे की पढाई चीन में करने के लिए इच्छुक हैं। स्टूडेंट्स इस लिए चीन जाना चाहते हैं, क्योंकि वहां पर बहुत सस्ते में वह अपना कोर्स पूरा कर सकते हैं। वहाँ की डॉक्टर की डिग्री को इंडियन मेडिकल कौंसिल से अनुमोदन मिला हुआ है। साल 2016 में 18,171 भारतीय छात्र चीन में पढ़ाई कर रहे थे। वहीं इंग्लैंड में 18,015 छात्र थे।
जो छात्र एनईईटी का एग्जाम पास नहीं कर पाते, वह चीन चले जाते हैं। कुछ आंकड़ो के अनुसार रूस में भी भारतीय छात्र पढाई के लिए जाते हैं। मगर रूस की अपेक्षा चीन में ज्यादा हैं। चीन छोड़ कर दूसरी जगह से मेडिकल  की पढाई करने वालों को भारत में एमसीआई एग्जाम पास करना होता हैं।