सुभाष जयंती से बेवर में शुरू होगा शहीदी मेला

आईएनएन भारत:
लखनऊ। गुलामी की जंजीरों को तोड़कर देश में आजादी का बसंत लाने वाले शहीद योद्धाओं को लेकर होने वाले 46 वें शहीद मेले की बेवर में तैयारियां जोरो पर हैं। आगामी 23 जनवरी से 10 फरवरी तक चलने वाले मेले का पोस्टर जारी किया गया है। इस दौरान अमर शहीद भगत सिंह, शहीद महावीर सिंह, शहीद विष्णु गणेश पिंगले, शहीद अशफाक उल्ला खां, शहीद ठाकुर रोशन सिंह, शहीद राजगुरु, बाल गंगाघर तिलक, शचीन्द्रनाथ बख्शी, डा. गया प्रसाद कटियार आदि क्रांतिकारियों के वंशजों ने संयुक्त रुप से पोस्टर जारी करने के बाद अपने विचार रखे।
बताते चलें कि 15 अगस्त 1942 को बेवर, मैनपुरी थाने पर तिरंगा फहराते हुए शहीद हुए तीन रणबांकुरों की याद में यहां अनोखा शहीद मंदिर भी स्थापित है। इस शहीद मंदिर में आजादी आंदोलन के 26 योद्धाओं की प्रतिमाएं लगी हुई हैं। देश की आजादी पर कुर्बान हुए महानायकों की यादों को जिंदा रखने के लिए 1972 से शहीद मेले का आयोजन अनवरत रुप से यहां होता रहा है। मेले की शुरुआत क्रांतिकारी जगदीश नारायण त्रिपाठी ने की थी।  देश में सबसे लंबी अवधि के शहीद मेले का यह 46वां वर्ष है।

शहीद मेले के प्रबंधक इं. राज त्रिपाठी ने बताया कि 19 दिवसीय शहीद मेले में विविध कार्यक्रम होंगे। शहीद मेला नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती (23 जनवरी) के अवसर पर विधिवत रुप से शुरु होगा। गौरतलब है कि इस बार का शहीद मेला उत्तर भारत के सबसे बड़े गुप्त क्रांतिकारी दल ‘मातृवेदी’ के महानायकों को समर्पित किया गया है। उद्घाटन समारोह में ‘मातृवेदी’ के जुड़े क्रांतिकारियों के परिजन आएंगे। यह मेला जंग ए आजादी के दीवानों की याद दिलाकर कर नौजवान पीढ़ी को रोमांचित करता रहा है।
शहीदों की याद में लगने वाले मेले को लेकर उत्साही टोली ने बताया कि उद्घाटन समारोह से लेकर समापन समारोह तक मेले का हर दिन खास तौर पर डिजाइन किया गया है। शहीद मेले में प्रमुख रूप से शहीद प्रदर्शनी, नाटक, फोटो प्रदर्शनी, विराट दंगल, पेंशनर्स सम्मेलन, स्वास्थ्य शिविर, कलम आज उनकी जय बोल, शहीद परिजन सम्मान समारोह, रक्तदान शिविर, विधिक साक्षरता सम्मेलन, किसान पंचायत, स्वतंत्रता सेनानी सम्मेलन, शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता, लोकनृत्य प्रतियोगिता, पत्रकार सम्मेलन, कवि सम्मेलन, राष्ट्रीय एकता सम्मेलन आदि प्रमुख कार्यक्रम आकर्षण का केन्द्र होंगे।