पूणे पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जिग्नेश और उमर खालिद पर दर्ज की एफआईआर

आईएनएन भारत डेस्क:
पूणे। गुजरात के दलित विधायक जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ कथित रूप से उत्तेजक भाषण देने के लिए पुणे पुलिस ने शिकायत दर्ज कर लिया है।

भीम कोरेगांव की लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ की स्मृति के अवसर पर इन युवा नेताओं को आमंत्रित किया गया था। भीम कोरेगांव में स्मारक समारोह के दौरान एक आदमी के मारे जाने के बाद मुंबई और पुणे के कुछ हिस्सों में हिंसा की घटना हुई है।

शिकायत के अनुसार, मेवाणी  ने कथित तौर पर लोगों को “सड़कों पर उतरने और प्रतिकार करने के लिए उकसा था”। शिकायतकर्ता अक्षय बिक्कड़ और आनंद धोंड ने कहा की इनके भड़काऊ भाषण के कारण, लोग सड़कों पर उतरे और पुरे राज्यों में तनाव का माहौल बन गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने की कोशिश कि है।

1818 में ब्राह्मण पेशवा के नेतृत्व वाले मराठा साम्राज्य के खिलाफ, अंग्रेजों के महार रेजिमेंट, जिसमे सिर्फ दलितों थे, ने जीत हासिल किया था. उस जीत को मनाने के लिए लाखों के तादात में दलित लोग हर साल 1 जनवरी को इकट्ठा होते हैं। सोमवार को भी भीम कोरेगांव की लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ थी। यह कार्यक्रम शनिवार वाडा के बाहर आयोजित किया गया था, जो कि पेशवाई, मराठा साम्राज्य के ब्राह्मण शासकों की सीट थी,जो कठोर रूप से जाति भेदभाव में विश्वास करते हैं।

  • Zulaikha Jabeen

    Beshak Mahaar Ladakon ki tadaad Zyada thi magar isi Jang me Lingayat aur Muslim’s bhi lade aur Shaheed bhi huye