सिदो-कान्हू मेले में चुम्बन प्रतियोगिता देखने उमड़ी भीड़

आई एन एन भारत डेस्क:
झारखण्ड के डुमरिया (पाकुड़ जिला) में हर साल की तरह इस साल भी “सिदो-कान्हू” के नाम पर एक दिवसीय मेला का आयोजन 10 दिसंबर को किया गया। जिसमें खेलकूद के प्रतियोगिताओं के अलावा पहली बार चुम्बन प्रतियोगिता का भी आयोजन हुई। इसमें विवाहित जोड़ों के लिए चुम्बन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। पहली बार हो रहे इस तरह के प्रतियोगिता में  चार आदिवासी जोड़ों ने हिस्सा लिया। इस तरह के प्रतियोगिता के आयोजन की सूचना मिलते ही , इसे देखने के लिए भारी संख्या में भीड़ जुट गयी थी। इसी दौरान मेला में अन्य प्रतियोगिताएँ भी हुई। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के लिट्टीपाड़ा से विधायक साइमन मरांडी ने प्रतियोगिताओं के सभी  विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर चर्चा और प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है।
आज झारखंड विधानसभा में, बीजेपी के विधायको ने इस चुम्बन प्रतियोगिता के आयोजन को महिलाओं का अपमान के रूप में लिया। ज्ञात हो कि इस मेले में विजेताओं को पुरुस्कारों को वितरण झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक ने किया था। जिसमे चुम्बन प्रतियोगिता के विजेता भी शामिल है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक ने मरांडी का बचाव करते हुए कहा कि ये संथालियों का कल्चर है।
मीडिया में आयी खबरों के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने इस प्रतियोगिता के आयोजन और विजेताओं को पुरस्कृत करने वाले  विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिन के अंदर, लिखित जवाब देने को कहा है।
इस मेला में खेलकूद के अलावा पहली बार चुम्बन प्रतियोगिता हुई। इसमें आदिवासी चार विवाहित जोड़ों ने हिस्सा लिया। जैसे ही कार्यक्रम के बारे में घोषणा की गई तो लोगों को अचरज सा लगा। मेले में आये लोग इस प्रतियोगिता को देखने उमड़ पड़े। तकरीबन चार हजार की भीड़ के बीच प्रतियोगिता शुरू हुआ। जिस तरह से इतने भीड़ के बीच मे विवाहित जोड़ों ने चुम्बन शुरू किया। लोग हैरत में पड़ गए। लोगों को लग रहा था कि इस प्रतियोगिता में शायद ही कोई प्रतिभागी भाग ले, लेकिन एक के बाद एक चार जोड़े मैदान में उतरे। इस प्रतियोगिता को देखने लिए लोग अंत तक जमे रहे। विधायक साइमन मरांडी ने चारों प्रतिभागी जोड़ों के अलावा लांगडे एनेच, लावड़िया अचूर, डॉम डोल, झूमर नाच, महिला व पुरुष तीरंदाजी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया। मेला को देखने आस-पास के गांव के लोग पहुंचे थे।