राहुल गाँधी ने संभाल ही ली काँग्रेस की कमान

 
नई दिल्ली।
कांग्रेस प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए हो रहे चुनाव में राहुल गांधी ने पिछले सोमवार को नॉमिनेशन फाइल किया। कांग्रेस के  सीनियर लीडरों में से कमलनाथ, शीला दीक्षित, मोतीलाल बोरा, तरुण गोगोई जैसे लीडर राहुल के नाम के प्रस्तावक बने थे। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। नामांकन की आखिरी तारीख होने के बाद भी किसी और ने नामांकन नहीं भरा। ठीक अगले दिन नामांकन की जाँच हुई और उसी दिन साफ हो गया कि राहुल गांधी ही कांग्रेस पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेगे। पांच दिसंबर को इनकी स्क्रूटनी हुई। जिसमें राहुल गाँधी का नामांकन सही पाया गया  था। आज 11 दिसंबर 2017 को दोपहर बाद 3 बजे, नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी। जो कि सिर्फ एक फॉर्मेलिटी थी। इस फॉर्मेलिटी के पूरा होते ही पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के मुख्य चुनाव अधिकारी रामचंद्रन ने आज दोपहर बाद 3:30 बजे राहुल गाँधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। राहुल इस पद पर पहुंचने वाले नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स हैं। अब तक कांग्रेस में सिर्फ सोनिया गांधी ही सबसे ज्यादा लगातार 19 साल से अध्यक्ष पद पर बनी रही।

अध्यक्ष पद पर नेहरू.गांधी परिवार के छठे सदस्य होंगे राहुल

-7 साल बाद पार्टी में हुए चुनावों में अध्यक्ष बनने वाले राहुल गाँधी नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स होंगे।
-कांग्रेस के 132 साल के इतिहास में नेहरू.गांधी परिवार का कांग्रेस अध्यक्ष पद पर 44 साल तक कब्जा रहा,  इन 44 साल में से 25 साल मोतीलाल से राजीव गांधी तक कांग्रेस प्रेसिडेंट रहे और बाकि के 19 साल सोनिया गाँधी इस पद पर रही!
-परिवार में पंडित नेहरू सबसे कम 40 साल की उम्र में तो सोनिया सबसे ज्यादा 52 की उम्र में अध्यक्ष बनीं।
-जनवरी,  2013 में राहुल गाँधी कांग्रेस उपाध्यक्ष चुने गए थे, तब से कांग्रेस करीब 27 चुनावों में हारी।

 

क्या राहुल गाँधी भविष्य के प्रधानमंत्री है

काँग्रेस पार्टी में उपाध्यक्ष की परम्परा नही रही हैं। राहुल से पहले कांग्रेस में दाे और उपाध्यक्ष रहे, पर कभी पीएम नहीं बने!
राहुल गाँधी कांग्रेस में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने वाले तीसरे नेता हैं। उनसे पहले 1986 में अर्जुन सिंह और 1997 में  जितेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रहे थे। इन दोनों नेताओं का राजनीतिक कैरियर ज्यादा ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया। 

पार्टी के मुख्य संरक्षक की भूमिका ले सकती हैं सोनिया

सोनिया गाँधी कांग्रेस पार्टी में मुख्य संरक्षक की भूमिका में रह सकती हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने 20 नवंबर को कहा था, सोनिया जी हमारी नेता और मार्गदर्शक हैं। उनका कुशल नेतृत्व और दिशा-निर्देश हमेशा उपलब्ध रहेंगे। तो क्या कांग्रेस पार्टी में भी बीजेपी की तरह  संरक्षक मंडल-मार्गदर्शक मंडल बनेगा,जिसमें कांग्रेस पार्टी के वरिष्ट नेताओं को शामिल कर उन्हें किनारे लगाया जाएगा।